अलवर के पूर्व कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया को हाईकोर्ट से राहत, एसीबी की एफआईआर रद्द

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अलवर, राजस्थान – राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व आईएएस अधिकारी और अलवर के पूर्व कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले की एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह मामला 2022 में रिश्वतखोरी से जुड़ा था, जिसमें पहाड़िया को गिरफ्तार किया गया था।

क्या था मामला?

नन्नूमल पहाड़िया पर आरोप था कि उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना में भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में रिश्वत ली थी। एसीबी ने अप्रैल 2022 में एक ट्रैप कार्रवाई में उन्हें 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इसी मामले में आरएएस अधिकारी अशोक सांखला को भी गिरफ्तार किया गया था।

हाईकोर्ट का फैसला

राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एसीबी के पास रिश्वत लेने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं और इस आधार पर एफआईआर को रद्द कर दिया गया। अदालत ने माना कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जिस आधार पर कार्रवाई की थी, वह कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है

इस फैसले का क्या असर होगा?

  1. आईएएस नन्नूमल पहाड़िया को कानूनी राहत – अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला खत्म हो गया है।
  2. एसीबी की कार्यप्रणाली पर सवाल – यह फैसला एसीबी की जांच प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
  3. अन्य मामलों में असर – राजस्थान में अन्य आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में भी इस फैसले का प्रभाव पड़ सकता है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

  • कई लोगों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसे न्याय की जीत बताया।
  • कुछ लोगों ने एसीबी की जांच पर सवाल उठाए और जांच की निष्पक्षता पर बहस शुरू हो गई।

निष्कर्ष

पूर्व कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है, लेकिन यह मामला एसीबी और राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक चुनौतीपूर्ण उदाहरण बना रहेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे इस फैसले के क्या कानूनी और राजनीतिक प्रभाव होते हैं।



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