उन्होने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में कोटपा की पालना सुनिश्चित की जावे । जिला कलेक्टर ने कहा कि तम्बाकू मुक्त खैरथल अभियान के साथ-साथ एनीमिया मुक्त भी बनाया जावे। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को तंबाकू मुक्त बनाने के साथ-साथ जो व्यक्ति तम्बाकू उपभोग कर रहे है और छोड़ना चाहते हैं उन्हें तम्बाकू मुक्ति केन्द्र तक पहुंचाये और बेहतर सेवायें प्रदान करें।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर द्वारा आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता गाइड लाइन का विमोचन भी किया गया |
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविन्द गेट ने बताया कि तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा तम्बाकू मुक्ति केंद्र बना कर प्रभावी क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया गया है | गेट ने कहा कि एसआरकेपीएस व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी कार्मिक मिलकर तंबाकू मुक्त खैरथल व एनीमिया मुक्त राजस्थान बनाने में सहयोग प्रदान करें।
उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पूरण मल मीणा ने कहा कि सभी टीम भावना से मिलकर काम करे और तम्बाकू मुक्ति केन्द्रों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
वाइटल स्ट्रेटेजिज नई दिल्ली के डॉ पुनीत चाहर ने नशा मुक्ति केन्द्रों के संचालन व आंकड़े एकत्रित करने पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी । एसआरकेपीएस के प्रतिनिधि राजन चौधरी ने तम्बाकू मुक्त खैरथल तिजारा बनाने की जानकारी देते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अन्त मे एसआरकेपीएस से डॉ दामिनी सिंह द्वारा सभी का आभार प्रकट किया गया।कार्यशाला में 40 संभागियों ने भाग लिया।