युवा पीढ़ी को तम्बाकू जनित उत्पादों से दूर रखने के लिए तम्बाकू नियंत्रण कानून का होगा प्रभावी क्रियान्वयन – एएससी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) शिवदयाल

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किशनगढ़ बास,16 फरवरी 2025 को पुलिस अधीक्षक व अति.पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार पुलिस विभाग व शिक्षित रोजगार केंद्र प्रबंधक समिति जयपुर एवं मजदूर विकास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन एएससी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) शिवदयाल की अध्यक्षता मे  किया गया।  इस कार्यशाला  में पुलिस थाना खैरथल तिजारा के  समस्त सहायक उप निरीक्षक,हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल, मीडिया प्रतिनिधि व मजदूर विकास फाउंडेशन के संस्थापक  ताराचन्द खोयड़ावाल उपस्थित रहे।


कार्यशाला  के दौरान एएससी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) शिवदयाल ने बताया की तम्बाकू मुक्त राजस्थान अभियान के मुख्य उदेश्य के अंतर्गत सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 का प्रभावी क्रियान्वयन और तम्बाकू जनित उत्पादों के सेवन से होने वाले  हानिकारक दुष्प्रभावों के बारें मे जागरूकता अधिक से अधिक आमजन तक पहुंचना एवं युवा पीढ़ी को तम्बाकू जनित उत्पादों के सेवन से बचाना हैं। 


शिक्षित रोजगार केंद्र प्रबंधक समिति जयपुर के राज्य समन्वयक हिरेन्द्र सेवदा ने बताया कोटपा एक्ट 2003 के अंतर्गत निम्न धाराओं के प्रावधान किए गए हैं जिसमें धारा-4 सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध। यदि कोई इस प्रावधान का उल्लंघन करता है तो उसे 200 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। धारा-5 सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध। पहले अपराध पर 1,000 रुपए तक का जुर्माना या 2 वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है। यदि अपराध दोहराया जाता है, तो 5,000 रुपए तक का जुर्माना या 5 वर्ष तक का कारावास या दोनों का दंड दिया जा सकता है। 


धारा - 5 के तहत किशनगढ़ बास तोप सर्कल पर अप्रत्यक्ष रूप से लगे विज्ञापन को पुलिस की सहायता से होर्डिंग को हटाया गया, किशनगढ़ बास थाने की यह पहली कार्यवाही है।


धारा-6अ,ब के अंतर्गत अठारह वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पाद बेचना और निर्धारित क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध। इस उल्लंघन पर 200 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। धारा-7 के अंतर्गत तम्बाकू उत्पाद के मुख्य भाग पर 85 प्रतिशत चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी होनी चाहिए, बिना वैधानिक चेतावनी के सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है। यदि विनिर्माता ऐसा करता है, तो पहले अपराध पर 5,000 रुपए तक का जुर्माना या 2 वर्ष तक का कारावास या दोनों हो सकता है। 


यदि अपराध दोहराया जाता है, तो 10,000 रुपए तक का जुर्माना या 5 वर्ष तक कारावास का प्रावधान है। इसी क्रम मे किशोर न्याय अधिनियम की धारा-77 के तहत बालक बच्चों को मादक पदार्थ या तंबाकू उत्पाद का सेवन कराने पर 7 वर्ष तक की कठोर कैद और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हुक्का बार पर रोक व ई-सिगरेट अधिनियम 2019 के बारे मे भी विस्तार से जानकारी दी गईं।







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